एंटी हिंदू मीडिया का फेलाया झूठ अब सबके सामने आयेगा।

सनातन🚩समाचार🌎 हालांकि हिंदू द्रोही मीडिया ने पूरा जोर लगाया कि लावण्या की मौत को आम घटना बना देने का। जबकि उस के बलिदान का कारण था उसके ऊपर ईसाई बनने का दबाव डाला जाना। जिसे उसने अस्वीकार करके मौत को गले लगाना उचित समझा। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी लावण्या पर हुए अत्याचारों को छिपाने में लगे हुए थे तथा उसकी मौत को एक आम घटना साबित करने पर तुले हुए थे, परंतु अब हाईकोर्ट के निर्णय से यह आशा बनी है कि बलिदानी लावण्या को अब न्याय अवश्य मिल जाएगा तथा उसके ऊपर अपना धर्म त्याग कर ईसाई बन जाने का दबाव डालने वाले सलाखों के पीछे होंगे।

दरअसल हाईकोर्ट ने निर्णय लिया है की लावण्या के आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई करेगी। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने यह निर्णय दिया है। जस्टिस जीएस स्वामीनाथन की पीठ ने लावण्या के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। मिली जानकारी के अनुसार लावण्या के पिता ने अपनी याचिका में कहा था की उनको अब प्रशासन और पुलिस पर विश्वास नहीं है। अतः इस मामले की सीबीआई या इसी तरह की किसी अन्य जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए। बता दें कि इसी महीने तंजावुर के सैक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल तिरुकटुपाली में पढ़ने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा लावण्या ने आत्महत्या कर ली थी।

उसकी मौत 19 जनवरी को हुई थी उसने अपने हॉस्टल के बाग में पड़े हुए कीटनाशक को पी लिया था। शायद इस हादसे का पता भी ना चलता परंतु जब लावण्या का एक वीडियो वायरल हो गया तभी दुनिया को सच्चाई का पता चला। इस वीडियो में लावण्या ने साफ-साफ बताया था कि उसके ऊपर ईसाई बनाने का दबाव डाला गया था। 44 सेकंड की इस वीडियो में लावण्या ने कहा है कि उसका छात्रावास की राचेल मैरी नाम की एक नन् उसके माता-पिता को ईसाई मत अपनाने के लिए कहा था। जिसके लिए उसने मना कर दिया। उसके बाद मुझे बहुत डांटा गया, इसके साथ ही उससे शौचालय साफ करवाए गए और बर्तन धुलवाए गए तथा उसे घर भी नहीं जाने दिया गया।

बलिदानी लावण्या के बयान की वीडियो

इन सारी प्रताड़ना से आहत होकर उसने जहर पी लिया। मद्रास हाई कोर्ट ने इससे पहले सुनवाई करते हुए मुथुवेल नाम के एक व्यक्ति को वीडियो की जांच के लिए अपना फोन पुलिस को देने के लिए कहा था, साथ ही अदालत ने पुलिस को आदेश दिया था कि वह वीडियो के कारण मुथुवेल को परेशान ना करे। मुथुवेल वही व्यक्ति है जिसने बलिदानी लावण्या का वीडियो अपने फोन से बनाया था। इसके अलावा माननीय अदालत ने मृतका के माता-पिता को तंजावुर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और फिर से अपना पूरा बयान दर्ज करवाने का निर्देश भी दिया था। जिसे बाद में एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंप दिया गया था।

वायरल हुए वीडियो के बारे में मीडिया ने यह बताया था कि यह वीडियो विश्व हिंदू परिषद के द्वारा बनाया गया है तथा इस मामले में धर्मांतरण जैसा कुछ भी नहीं हुआ है। लड़की ने अपनी मानसिक परेशानी के कारण ही आत्महत्या की है। स्थानीय भाजपा इकाई ने मद्रास हाई कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत किया है। बलिदानी लावण्या पिछले 5 वर्षों से सेंट माइकल गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी। यह हॉस्टल उसके स्कूल के नजदीक ही है। सरकारी सहायता प्राप्त ईसाई मिशनरी स्कूल में उस पर ईसाई मत अपनाने का दबाव डाला जा रहा था परंतु लावण्या अपने धर्म पर अडिग रही उसने धर्म परिवर्तन करने से इंकार कर दिया।

लावण्या के इंकार से गुस्साए स्कूल वालों ने बलिदानी लावण्या का छुट्टी के बारे में वो आवेदन भी रद्द कर दिया था जो उसने पोंगल समारोह में शामिल होने के लिए स्कूल को दिया था। अब जबकि हाई कोर्ट के द्वारा इस मामले में सीबीआई को जांच करने का निर्देश दिया गया है तो यह माना जाना चाहिए की अब धर्म के लिए अपनी जान देने वाली लावण्या को मरणोपरांत न्याय अवश्य मिलेगा।

Must become a Christian / Suicide. Now CBI probe into the atrocities committed on Lavanya: High Court

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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