“Jaya Kishori – From dance to the pulpit, menstruation – Devaki Nandan Thakur ji reprimanded.”

शास्त्रों का अध्ययन किए बिना बोलने पर भड़क उठे कई धर्मज्ञाता।

सनातन🚩समाचार🌎 बचपन से ही नाचने गाने का शौक और जब माता-पिता का सहयोग भी मिल गया तब जया नाम की छोटी बच्ची की कला और निखर कर सामने आने लगी।

जी हां हम बात कर रहे हैं उस जया किशोरी की जो आजकल कभी व्यास पीठ पर बैठकर धर्म की बातें करती दिखाई देती है तो कभी अपने आप को मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में प्रदर्शित कर रही है। सर्व विदित है की जया किशोरी बचपन में से ही अच्छा डांस कर लेती हैं और बचपन से ही वह माइक पर अच्छा बोल भी लेती हैं।  जिसके चलते वह उस समय के प्रसिद्ध टीवी शो बूगी वूगी में भी हिस्सा लेने के लिए पहुंच गई थी। वहां पर उसने जमकर धमाल मचाया और काफी टीआरपी हासिल कर ली।

इसके बाद शुरू हुआ जया किशोरी का चका चौंध वाली दुनिया में प्रवेश करने का सफर।  बोलने की कला में माहिर जया किशोरी फिर धर्म क्षेत्र की ओर मुड़ गई और कुछ ही वर्षों में उसने अपने आप को एक धर्म प्रचारक के रूप में स्थापित कर लिया। वह पवित्र व्यास पीठ पर बैठकर हिंदुओं को धर्म का पाठ पढ़ने लगी हालांकि उनके व्यास पीठ पर बैठने का बहुत सारे धर्मज्ञों ने विरोध भी किया किंतु जया किशोरी का सफर जारी रहा।

बताने की आवश्यकता नहीं है कि जब किसी भी व्यक्ति को उस विषय का ज्ञान ही ना हो जिस विषय पर वह बोलता है तब अवश्य ही वह व्यक्ति गलतियां करता है। विशेष कर जब वह गलतियां धर्म क्षेत्र में की जाती हैं तो वह गलतियां ना रहकर एक महापाप बन जाता है। सभी सनातनी जानते हैं की बचपन से ही नाचने की कला में निपुण जया अक्सर व्यास पीठ के मंचों पर नाच नाच कर श्रद्धालुओं को अपनी और आकर्षित करती रही।

बात यहीं तक नहीं रुकी जय अपने वचनों के द्वारा धर्म का घोर अपमान भी करती रही क्योंकि वास्तव में उसे धर्म के विषय में ज्ञान था ही नहीं,  जिसके चलते उसने एक चलती कथा में पवित्र व्यास पीठ पर बैठकर खुदा का प्रचार करते हुए हुस्न इत्यादि शब्द बोले और फिर उसने सृष्टि का पालन करने वाले भगवान विष्णु जी का घोर अपमान करते हुए उन्हें भ्रष्ट बुद्धि वाला तक बता दिया।

भगवान श्री विष्णु जी का घोर अपमान

यह अकाट्य सत्य है कि जब हिंदुओं की आंखों पर श्रद्धा का चश्मा चढ़ जाता है तब हम  हिंदू कुछ भी सोच विचार नहीं करते बल्कि आंखें बंद करके हर बात मानने लगते हैं, जिसके चलते जया किशोरी अपने आप को एक धर्म प्रचारक के रूप में स्थापित करने में सफल हो गई। इसके बाद जब आयु बड़ गई तब जया किशोरी ने यह भी कहना चालू कर दिया कि वह कोई साधु सन्यासी नहीं है वह शादी तो करेगी।

विवाह करना गलत नहीं है बल्कि यह सृष्टि का क्रम है, किंतु जया किशोरी ने उस समय धर्म जगत में भारी बवाल पैदा कर दिया जब उसने एक आयोजन में यह कह दिया की मासिक धर्म में के समय में जो कुछ भी आज तक मान्यताएं चलती रही वह गलत है। उसकी वायरल हो रही इस वीडियो में वह बताती है की पीरियड के समय में कुछ भी प्रतिबंध नहीं होना चाहिए पहले की व्यवस्थाएं जैसी थी उसके अनुरूप सब चलता था। आज जमाना आधुनिक हो गया है सब कुछ बदल गया है इसलिए अब पुरानी बातों का कोई स्थान नहीं।

इसके साथ ही उन्होंने बहुत सारी ऐसी बातें बोल दी जो धर्म के विरुद्ध थीं। जया किशोरी के इस वक्तव्य के बाद धर्म समाज में खलबली मचना स्वाभाविक था और बहुत सारे विद्वान, धर्मज्ञ, ज्ञानीजन उसके विरोध में बोलने लगे जिनकी अनेकों वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। जब जया किशोरी के बारे में विश्व प्रसिद्ध देवकीनंदन ठाकुर जी को पता चला तो उन्होंने भी एक व्यासपीठ के खुले मंच से जया किशोरी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उसने जो भी कहा है वह गलत है, और मैं इस व्यास पीठ से घोषणा करता हूं की उसने जो कहा है वह गलत है मतलब गलत है।

बताने की आवश्यकता नहीं है कि देवकीनंदन ठाकुर जी वह व्यक्तित्व हैं जो न केवल अपने वचनों के द्वारा हिंदुओं को सही मार्ग दिखा रहे हैं बल्कि उसके साथ-साथ वह धर्म के पक्ष में अनेकों कानूनी लड़ाइयां भी लड़ रहे हैं। देवकीनंदन जी ने जो कुछ जया किशोरी के बारे में कहा है वह भी आप दी गई वीडियो में अवश्य सुने।1

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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