“Will not offer flowers to Mother India because religion does not allow and.”

राष्ट्र गान नहीं भारत माता को पुष्प नहीं। “ये सुन्नत है” किंतु मजारी हिंदू तो मजारों पे माथा पटकते फिरते हैं।

सनातन 🚩समाचार🌎 एक तरफ जहां हिंदू कहीं पर भी बिछी हुई 10 – 20 के ऊपर पड़े हुए हरे कपड़े को देखकर वहां अपना माथा पट करने लग जाते हैं। वहीं दूसरी ओर मुसलमान केवल और केवल अपने अल्लाह के आगे ही सिर झुकाते हैं।

हालांकि ऐसा पहले नहीं था परंतु अब मुसलमानों ने राष्ट्रगान गाना बंद कर दिया है। हिंदुस्तान की शान तिरंगे को प्रणाम करना बंद कर दिया है। और ना ही अब वो भारत माता को प्रणाम करते हैं।

गणतंत्र दिवस और बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर अलीगढ़ के एक स्कूल में हंगामा मच गया और विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस और शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों तक जा पहुंचा। अलीगढ़ के प्राइमरी स्कूल के एक मुस्लिम अध्यापक ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2023 के पवित्र अवसर पर भारत माता को पुष्प भेंट करने से इनकार कर दिया है। हालांकि इस अध्यापक ने पहले तो यह कहा कि वह बीमार है।

किंतु बाद में वो मान गया की अपने मजहब के अनुसार वह भारत माता को पुष्प नहीं चढ़ आएगा और ना ही माथा टेकेगा। जिस स्कूल में यह घटना घटी है वह अलीगढ़ के इगलास थाना क्षेत्र के लखटोयी गांव में स्थित है। इस स्कूल के जिस अध्यापक ने भारत माता को माथा टेकने और उन्हें पुष्प चढ़ाने से मना किया है उसका नाम हमसुद्दीन है। उसे एक तरफ बैठे देख कर जब उसके साथी उससे इसका कारण पूछने के लिए गए तो उसने कहा कि हम सिर्फ ऊपर वाले के सामने ही माथा टेकते हैं, किसी और के आगे नहीं।

इस पर उसके साथी अध्यापक ने उससे कहा कि यह तो बात ठीक नहीं है। हम लोग भी मुसलमानों के कार्यक्रम में जाते हैं हम वहां मत्था टेकते हैं। इस पर हमसुद्दीन ने कहा कि हमारा मजहब हमें यह नहीं सिखाता हम किसी के सामने मत्था नहीं टेकते। हम सिर्फ ऊपर वाले के सामने मत्था देखते हैं। वहां पर मौजूद लोगों ने उसे काफी समझाते हुए कहा कि यह तो संविधान के अनुसार हैं। जब आप यहां तक आए हो तो चलकर भारत माता को पुष्प भी चढ़ा दो।

चिंता में डालने वाले इस प्रकरण के बाद स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार जी ने बताया है कि ध्वजारोहण के समय भी हसमुद्दीन एक तरफ बैठा रहा। उसने तिरंगे के सम्मान में अपनी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी। जब कुछ लोगों ने उसको पुष्प चढ़ाने के लिए कहा तो उसने पेट में दर्द होने का बहाना करते हुए इनकार कर दिया। परंतु बाद में उसने बताया कि उसके मजहब के अनुसार वह भारत माता को प्रणाम नहीं करेगा और ना ही भारत माता के आगे फूल चढ़ाएगा।

मौके की वीडियो

इस घटना के बाद पुलिस और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच पड़ताल कर रहे हैं। इस बारे में बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा है कि इस घटना के बारे में प्राप्त वीडियो के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित कर दिया गया है।

हमें जानकारी मिली है कि हसमुद्दीन नाम के एक अध्यापक ने राष्ट्रगान गाने से मना किया। मां सरस्वती जी की प्रतिमा और भारत माता की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने से भी उसने मना किया है। इसकी जांच की जा रही है। जांच में अगर सच्चाई पाई गई तो इस अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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