“This is our land, not of Kejriwal’s father, he will not allow Rohingya to settle here, women announced this.”

मैं तो गाली भी बक दूंगी विधायक अपनी जमीन में जिसे चाहे बसाए हम मर जायेंगे मिट जायेंगे परंतु अपने यहां गंद नहीं डालने देंगे।

सोशल मीडिया से प्राप्त

सनातन 🚩समाचार🌎 देश की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर पड़ता एक गांव में इन दिनों काफी बवाल मचा हुआ है। इस गांव की महिलाएं पिछले 10 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दे रही हैं। उन सभी का एक सुर में यही कहना है कि केजरीवाल यहां पर गांव की अपनी जमीन में बने हुए स्कूल को तुड़वा कर तथा आसपास की भूमि पर कब्जा करके यहां रोहिंग्या मुसलमानों को बसाना चाहता है, जो हम कभी नहीं होने देंगे।

हमारे गांव में केजरीवाल रोहिंग्या मुसलमानों को कैसे बसा आ सकता है ?

प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार यह गांव पूरी तरह हिंदुओं का है इसमें एक भी मुसलमान नहीं रहता है, तथा जिस सकूल को हटाकर उस जमीन पर दिल्ली सरकार द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने के प्रयास चल रहे हैं वह जमीन गांव की अपनी जमीन है ऐसा गांव की स्त्रियों ने बताया है। धरने पर बैठी हुई महिलाओं को घोर आपत्ति है की हमारे गांव में एक भी मुसलमान ना होने के बावजूद हमारी मर्जी के बिना केजरीवाल यहां पर रोहिंग्या मुसलमानों को कैसे बसा सकता है ? प्रदर्शन करने वाली एक महिला का कहना था कि हम मर जाएंगे मिट जाएंगे परंतु अपने गांव में यह गंद नहीं फैलने देंगे।

विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने काफी तीखे शब्दों में आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की निंदा करते हुए कहा कि इलेक्शनो के दिनों में आम आदमी पार्टी वाले ट्रक और टेंपो में भर भर कर आते थे, महिलाओं को ले लेकर आते थे, बच्चों के भी पैरों को हाथ लगाते थे कि हमें वोट दे दो – हमें वोट दे दो, और अब जब आम आदमी पार्टी जीत गई है हमारे इलाके का विधायक गुलाब सिंह दिखाई भी नहीं देता है।

रात को कुर्सियां बिछा दीं

हम उसे फोन करते हैं तो फोन नहीं उठाता। मेल का जवाब नहीं देता। उसके दफ्तर जाते हैं तो वहां भी नहीं मिलता है। एक अन्य महिला ने बताया कि केजरीवाल द्वारा यहां पर रोहिंग्या मुसलमानों को बसाए जाने का पता हमें तब चला जब रातों-रात आम आदमी पार्टी वालों ने रात को चुपचाप यहां पर कुर्सियां लाकर बिछा दी और उसके बाद यहां रोहिंग्या मुसलमानों की कॉलोनी की घोषणा कर दी गई।

शाहीन बाग की महिलाओं के लिए हर तरह के प्रबंध किए गए थे

बता दें कि तभी से इस गांव की यह आक्रोशित महिलाएं लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठी हुई हैं। उनका कहना है की चुनाव से पहले दिन रात हमारे घरों के चक्कर लगाने वाला विधायक अब एक बार भी उनका हाल जानने के लिए नहीं आया है। वही एक और महिला ने बताया कि दिल्ली में जब शाहीनबाग हुआ था तब दिल्ली सरकार के द्वारा वहां पर बैठी हुई महिलाओं के लिए हर तरह के प्रबंध किए थे परंतु क्या कारण है जो हम महिलाओं के लिए कोई इंतजाम तो किया नहीं गया परंतु हमें कोई पूछने भी नहीं आया कि तुम्हारी समस्या क्या है ?

महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि हम मर जाएंगे मिट जाएंगे परंतु यहां अपने गांव में रोहिंग्या को बसने नहीं देंगे। महिलाओं ने स्पष्ट किया की यह पूरी तरह हिंदुओं का गांव है। इस गांव में एक भी मुसलमान नहीं रहता है। हम नहीं चाहते की अपराध करने के लिए कुख्यात रोहिंग्या मुसलमानों को हमारे गांव में लाकर बसाया जाए।

गांव की महिलाओं का मोर्चा

बता दें की केजरीवाल द्वारा इसी इलाके में पहले बहुत बड़ी लागत का एक बहुत बड़ा हज हाउस बनाया वाला था जिसे लोगों के विरोध के चलते रद्द कर दिया गया था। और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आम आदमी पार्टी की सरकार इस गांव में बने हुए स्कूल की जगह पर जबरन अवैध घुसपैठियों को बसा देगी या इन गांव वालों की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए यहां पर कुख्यात रोहिंग्या को बसा देगी ।।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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