Hey Ram…… Is Haldi Ram also doing the work of corrupting the religion of Hindus ?.

अपना धर्म बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे।

सनातन🚩समाचार🌎हिंदुओं का नया साल आरंभ होते ही नवरात्रे भी आरंभ हो जाते हैं, और लगभग सभी हिंदू पवित्र नवरात्रों के व्रत भी रखते हैं। इन नवरात्रों में सभी व्रत धारी लोग यह ध्यान रखते हैं कि वह गलती से भी कुछ ऐसा ना खालें जो खाने योग्य ना हो। और तो और जो लोग व्रत नहीं भी रखते हैं वह नवरात्रों में लहसुन प्याज तक का सेवन नहीं करते हैं। ऐसे में अगर आप किसी प्रसिद्ध ब्रांड की दुकान पर जाएं और वहां से व्रत में खाने योग्य सामान खरीदें और उसे खा भी ले परंतु जब आपको पता चले कि जो आपने खाया है उसके बारे में कोई भी जानकारी उस खाद्य पदार्थ के पैकेट पर नहीं है और अगर है भी तो किसी ऐसी भाषा में हैं जो आप जानते ही नहीं हो तो ऐसे में हड़बड़ाहट होना स्वभाविक ही है।

व्रत में खाने योग्य सामान

निश्चित ही आपके मन में कई तरह के विचलित कर देने वाले विचार आएंगे कि कहीं उस खाने वाली वस्तु में कोई ना खाने योग्य कोई चीज ना मिली हुई हो। ऐसे ही एक मामले का पर्दाफाश किया है प्रसिद्ध “सुदर्शन न्यूज़ चेनल” ने। इस बारे में सुदर्शन न्यूज़ चैनल के चेयरमैन सुरेश चव्हाणके जी ने बताया है कि हल्दीराम के पैकेट को जब हल्दीराम के स्टोर से खरीदा गया तो यह बताया गया कि इसमें व्रत में खाने योग्य सामान है। परंतु उसके ऊपर जिस भाषा में लिखा गया है उस भाषा को तो व्रत रखने वाले लोग जानते भी नहीं हैं। उन्होंने शंका जताई है कि कहीं इसमें कोई अपवित्र वस्तु अथवा कोई एनिमल ऑयल तो नहीं प्रयोग किया गया ? इसके बाद उन्होंने अपनी एक पत्रकार को रिपोर्टिंग के लिए हल्दीराम की दुकान में भेजा।

https://youtu.be/lY8G80GGRp4
शंका तो होगी ही

उर्दू में लिखा हुआ था

बता दें कि हल्दीराम आजकल एक बहुत प्रचलित नाम है और इसके समान काफी महंगे भी होते हैं। हल्दीराम कंपनी के द्वारा नमकीन इत्यादि बहुत सारे खाने के सामान बेचे जाते हैं। इस दुकान पर जाकर सुदर्शन न्यूज़ चैनल की पत्रकार ने पाया कि वहां पर पड़े हुए सभी सामानों के ऊपर इंग्लिश इत्यादि भाषाओं में वह सारा विवरण लिखा है जो जो उस पैकिंग में है, परंतु जब पत्रकार ने व्रत में खाने वाली वस्तु की मांग की तो जो पैकेट उसे थमाया गया तो उसके ऊपर केवल उर्दू भाषा में ही लिखा हुआ था। जबकि यह सत्य है कि व्रत रखने वाले लोग तो उर्दू या अरबी भाषा को जानते ही नहीं और जो लोग उर्दू या अरबी भाषा जानते हैं वह व्रत रखते नहीं।

बहुत बड़ा सवाल

तो इसी सब के बारे में जब इस दुकान पर पहुंची पत्रकार ने वहां की सीनियर अधिकारी एक महिला से इसका कारण पूछा तो वह काफी उखड़ी हुई दिखाई दी। वह बार-बार कह रही थी कि हम आपको इंटरटेट नहीं करेंगे, और कह रही थी कि हमारे पास सभी भाषाओं वाले ग्राहक आते हैं। निसंदेह उसकी बात सही है, परंतु सभी सामानों के ऊपर इंग्लिश में विवरण लिखा जाना परंतु केवल व्रत में खाने वाले सामानों के ऊपर किसी ऐसी भाषा में लिखे जाना जिसे व्रत रखने वाले लोग जानते ही नहीं हैं। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल पैदा करता है कि कहीं अब हल्दीराम भी हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट करने का काम तो नहीं कर रहा ?

इंग्लिश में लिखा गया है तो

जब इस महिला पत्रकार ने दुकान की संचालिका से सवाल किए तो उसने प्रकार को बार बार हड़काया और बार-बार अपना पल्ला छुड़ाकर सवालों से बचने का प्रयास भी किया। इस बीच एक ग्राहक भी उनकी वार्ता में शामिल हो गया। उसने भी कहा कि यहां हमें पता होना चाहिए कि इस व्रत में खाने वाले सामान के क्या क्या डाला गया है, और जो लिखा हुआ है वह किसी अन्य भाषा में लिखा हुआ है जो हमें आती ही नहीं। उसका भी यही कहना है था की जब सभी सामानों के ऊपर इंग्लिश में लिखा गया है तो व्रत में खाने वाले सामान के पैकेट के ऊपर उर्दू में क्यों लिखा गया है ? दुकान की संचालिका से बात करते हुए जब पत्रकार ने उससे पूछा कि इस पैकेट में क्या है, क्या इसमें कोई एनिमल ऑयल का प्रयोग किया गया है तो हल्दीराम दुकान की संचालिका इसका कोई भी सही उत्तर नहीं दे सकी।

https://youtu.be/nPmgGvE9exc
पत्रकार के सवालों का कोई उत्तर नहीं।

धार्मिक भावनाओं पर चोट

बताने की आवश्यकता नहीं है की हिंदू तो पहले ही डरे हुए हैं। क्योंकि ऐसी खबरें अब आम हो चली हैं की फलां दुकान पर थूक डालकर रोटी खिलाई जा रही है, अथवा किसी विवाह समारोह में थूक डालकर रोटी बनाई जा रही है, कहीं पर कोई फलों को थूक लगा रहा है और कहीं कोई दूध में ही थूक रहा है। और तो और ऐसी भी वीडियो सामने आ चुकी है कि कोई फूलों की माला बनाने वाला व्यक्ति भी फूलों को थूक लगा लगा कर हार पिरो रहा है ताकि उस अपवित्र हार को हिंदू अपने आराध्य देव पर चढ़ा दें। बहरहाल वर्तमान समय हिंदुओं के लिए बहुत संभल कर जीने का चल रहा है, क्योंकि ना जाने कहां पर किस तरह उनकी धार्मिक भावनाओं पर चोट कर दी जाए अथवा उसे सात्विक कहकर कोई अभक्ष्य पदार्थ खिला दिया जाए, जैसा की अभी हाल ही में एयर इंडिया की फ्लाइट में फातिमा मुन्नी और यमन खान ने किया है।

ऐसे में डरे हुए हिंदू के मुंह से ये निकालना स्वाभाविक ही है — हे राम क्या वाकई में हल्दीराम भी कर रहा है हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट करने का काम ❓❓❓

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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