Har Har Mahadev Panchmukhi Utsav Doli is moving towards Dham, the doors of Shri “Kedarnath Dham” will open on this date.”

संभव हो तो आप भी पहुंचें दर्शन करने भगवान भोले नाथ जी के।

सनातन🚩समाचार🌎गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च “श्री केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग”। श्री केदारनाथ धाम और मंदिर तीन ओर से पहाड़ों से घिरा हुआ है। एक तरफ है और है 22 हजार फुट ऊंचा केदारनाथ, दूसरी ओर है 21 हजार 600 फुट ऊंचा खर्चकुंड और तीसरी तरफ है 22 हजार 700 फुट ऊंचा भरतकुंड। न सिर्फ तीन पहाड़ बल्कि पांच ‍नदियों का भी संगम है यहां- मं‍दाकिनी, मधुगंगा, क्षीरगंगा, सरस्वती और स्वर्णगौरी। इन नदियों में से कुछ का अब अस्तित्व नहीं रहा परंतु अलकनंदा की सहायक मंदाकिनी आज भी मौजूद है। इसी के किनारे है श्री केदारेश्वर धाम। यहां सर्दियों में भारी बर्फ और बारिश में जबरदस्त पानी रहता है।

विशालकाय छत एक ही पत्थर की

यह उत्तराखंड का सबसे विशाल शिव मंदिर है, जो कटवां पत्थरों के विशाल शिलाखंडों को जोड़कर बनाया गया है। ये शिलाखंड भूरे रंग के हैं। ये दिव्य मंदिर लगभग 6 फुट ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। इसका गर्भगृह अपेक्षाकृत प्राचीन है जिसे 80वीं शताब्दी के लगभग का माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में अर्धा के पास चारों कोनों पर चार सुदृढ़ पाषाण स्तंभ हैं, जहां से होकर प्रदक्षिणा होती है। सभामंडप विशाल एवं भव्य है। उसकी छत चार विशाल पाषाण स्तंभों पर टिकी है। आश्चर्यजनक रूप से विशालकाय छत एक ही पत्थर की बनी हुई है। गवाक्षों में आठ पुरुष प्रमाण मूर्तियां हैं, जो अत्यंत कलात्मक हैं।

शुक्रवार 6 मई की सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर खुलेंगे

श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 6 मई से खुलेंगे, इनको खोले जाने का महुर्त महाशिवरात्रि पर तय निर्धारित किया गया था। श्री केदारनाथ मंदिर के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पारम्परिक पूजा के बाद मुहूर्त निकाला गया था। इस वर्ष मंदिर के कपाट शुक्रवार 6 मई की सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर खुलेंगे। इस उपलक्ष में उखीमठ से केदारनाथ जी की उत्सव यात्रा भैरव पूजन उखीमठ में एक दिन पूर्व यानी 1 मई को हुआ है,वहां से चल कर कल पवित्र डोली 2 मई को गुप्तकाशी पहुंच गई थी और आज 3 मई फाटा में पधार चुकी है।

पवित्र डोली यात्रा

इसके बाद 4 मई गौरीकुंड 5 मई को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी और फिर 6 मई शुक्रवार सुबह पूरी तरह विधि विधान से 6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसके साथ ही सभी स्नातनियों को भगवान केदारेश्वर जी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।

विशेष :- श्री बद्रीनाथ जी के कपाट केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के दो दिन बाद 8 मई को खुल रहे हैं।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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