बागेश्वर धाम-धीरेंद्र शास्त्री के पीछे पड़ गया है आसारामजी बापू का घोर अपमान करने वाला, 4 फरवरी को आरोप तय होगा और जायेगा जेल? हिंदूद्रोही पत्रकार दीपक चौरसिया


“Bageshwar Dham: The person who insulted Asaramji Bapu is after Dhirendra Shastri, charges will be framed on February 4 and will he go to jail? Anti-Hindu type Deepak Chaurasia.”

नाबालिग बेटी के विडियो को तोड़ मरोड़ कर दुनियां को दिखाया था दुनियां को, पोक्सो धारा लगी है।

सनातन 🚩समाचार🌎 अगर आप टेलीविजन देखते हैं तो आपको फिर से वही चेहरा दिखाई देगा जिसने कभी संत श्री आसारामजी का बहुत अपमान किया था और अब ये पीछे पड़ गया है सनातन धर्म की रक्षा की बात करने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री जी के पीछे।

अपको शायद पता होगा की इस दीपक चौरसिया और इसके अन्य साथी पत्रकारों ने गुरुग्राम के एक परिवार की नाबालिग लड़की की उस वीडियो को बेहद गलत ढंग से एडिट करके अपने अपने चैनलों पर चलाते हुए ये दुनियां को ये दिखाया और बताया था की आसारामजी इस वीडियो में नाबालिग लड़की से अश्लीलता कर रहे हैं। ऐसा उन्होंने प्रसिद्ध हिंदू संत की प्रतिष्ठा गिराने के लिए किया था। किंतु अपने अभियान में इन लोगों ने एक नाबालिग लड़की की इज्जत को भी दुनियां में उछाल दिया था। जिससे आहत होकर नाबालिग हिंदू लड़की के परिजनों के कड़े संघर्ष के बाद इनके खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी।

उसी के चलते अब पत्रकार दीपक चौरसिया, चित्रा त्रिपाठी, अजीत अंजुम, सैयद सोहेल समेत अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर 4 फरवरी को अदालत में जोरदार बहस होने की आशा है।

विवरण ………

नाबालिग लड़की की वीडियो को तोड़मरोड़कर प्रसारित करने के मामले में आगामी 4 फरवरी को दीपक चौरसिया, चित्रा त्रिपाठी,अजीत अंजुम, सैयद सोहेल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होंगे। जानकारी के मुताबिक गत 11 जनवरी को गुरुग्राम की पॉक्सो की अदालत में सभी आरोपियों की पेशी हुई। न्यायालय की कार्यवाही में नाबालिग लड़की के अधिवक्ता की ओर से आरोप तय करने पर बहस करनी चाही लेकिन आरोपियों ने अपने सीनियर अधिवक्ता की अनुपस्थिति का हवाला देकर समय की मांग किया।

मामले पर सुनवाई करते हुए श्री मति शशि चौहान की अदालत में 4 फरवरी को आरोप तय करने पर बहस करने का निर्णय लिया है।

मामले की पैरवी कर रही सामाजिक संस्था जन जागरण मंच के अध्यक्ष हरिशंकर कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 16 दिसंबर को एस.आई.टी के जिन दो अधिकारियों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट हुए थे, वे दोनो अधिकारी इंस्पेक्टर संजय व जितेंद्र कुमार अपनी स्टेटस रिपोर्ट के साथ न्यायालय में पेश हुए। दोनो अधिकारियों के पेश होने पर न्यायालय ने NBW से राहत तो दिया लेकिन उन्हें दो हजार का जुर्माना भरना पड़ा।

पुलिस द्वारा अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास जारी …….

हरिशंकर ने बताया की SIT के अधिकारी द्वारा जो रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई उसमे एक बार फिर अन्य आरोपी कार्तिकेय शर्मा, अनुराधा प्रसाद, धीरज भटनागर आदि को बचाने का प्रयास किया गया। दरअसल अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा बंद किए जाने पर जांच अधिकारी से न्यायालय द्वारा दस्तावेज पेश करने कहा गया था। किंतु इस बार भी पुलिस ने अपनी रिपोर्ट के साथ वह दस्तावेज पेश नही किए, जिसके आधार पर अन्य आरोपियों को निर्दोष करार दिया है।

SIT के अधिकारी की ओर से रिपोर्ट में यह बताया गया कि निर्दोष करार दिए गए अन्य आरोपियों के संबंध में दस्तावेज पहले ही चार्जशीट के साथ पेश किए जा चुके हैं। जिसपर पीड़िता के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने पूर जोर विरोध जताकर न्यायालय से आग्रह किया कि वे SIT के वे अधिकारी अपना लिखित बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज करवाएं ताकि भविष्य में पुलिस द्वारा निर्दोष करार दिए जाने वाले आरोपियों के विरुद्ध सबूत मिलने पर उस SIT के अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

पीड़िता के अधिवक्ता के आग्रह पर न्यायालय ने जॉच अधिकारी को बयान दर्ज कराने के आदेश दिए जाने पर भविष्य में पुलिस के उन अधिकारियों पर न्यायालय की कोई कार्यवाही न हो इस आशय से दस्तावेज पेश करने के लिए समय मांगा है। दरअसल पीड़िता के अधिवक्ता का आरोप है कि अन्य आरोपियों के खिलाफ सबूत है लेकिन SIT के अधिकारी द्वारा उन्हें जानबूझकर छुपाने का प्रयास किया गया है।

अदालत में 30 मिनट की सुनवाई में पुलिस को पुनः रिपोर्ट के साथ दस्तावेज पेश करने तथा आरोपियों पर आरोप तय करने के लिए 4 तारीख निर्धारित की है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 की 2 जुलाई को पालम विहार क्षेत्र के सतीश कुमार (काल्पनिक नाम) के घर संत आसारामजी बापू गए थे। बापू ने परिवार के सदस्यों और उनकी 10 वर्षीय भतीजी को आशीर्वाद दिया था। उस समय सतीश के घर के कार्यक्रम की वीडियो आदि भी बनाई गई थी।

हो रहे चर्चे

बापू आसाराम प्रकरण के बाद टीवी चैनलों ने बनाए गए वीडियो को प्रसारित किया था। जिसके बाद परिजनों ने आरोप लगाए थे कि उनकी नाबालिग बेटी और आसाराम बापू की छवि धूमिल करने के लिए वीडियो को तोड़ मरोड़ कर अश्लील और अवैध तरीके से प्रसारित किया गया था। जिससे परिवार का मासूम बालिका को मानसिक व सामाजिक रुप से कष्ट वा अपमान झेलना पड़ा था। जिससे आहत होकर लाबालिग लड़की के परिजनों ने पालम विहार पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई थी।

यहां बहुत ध्यान देने वाली बात यह है कि इस सारे प्रकरण में उस समय हिंदू संत की छवि धूमिल करने वाला मुख्य पत्रकार दीपक चौरसिया आजकल बागेश्वर धाम के धर्म रक्षक देवेंद्र शास्त्री जी का अपमान करते हुए उन्हें भी कई तरह से बदनाम करने में लगा हुआ है।

पूरी वीडियो देखें, दृश्य गड़बड़, किंतु आवाज साफ।


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