“Azam Ansari did not allow Chhatrapati Shivaji Maharaj’s birth anniversary to be celebrated, forcibly removed the picture, students were forced.”

हर युवा हिंदू की प्रेरणा हैं छत्रपति शिवाजी महाराज, राष्ट्रवादियों के लिए चेतना हैं छत्रपति जी।

सनातन 🚩समाचार🌎 एक तरफ जहां देश में हिंदू द्रोहियों और राष्ट्र द्रोहियों का उत्पात बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी ओर अब राष्ट्रवादी लोग भी हाथ पांव मार रहे हैं। यह लोग प्रयास कर रहे हैं कि कैसे भी करके राष्ट्र की भावना को जिंदा रखा जा सके। इसलिए राष्ट्रवादी लोग अब राष्ट्र नायकों की ओर पहले से अधिक ध्यान देने लगे हैं।

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राष्ट्र नायक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने से रोकने पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय के छात्र बेहद दुखी हैं। इनका आरोप है की उनके हॉस्टल के वार्डन आजम अंसारी ने जबरन छत्रपति शिवाजी महाराज की फोटो हटवा दी है।

पता चला है कि ख्वाजा मुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय के छात्र छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाने के लिए अपने हॉस्टल में इकट्ठा हुए थे। यह सभी छात्र वहां पर छत्रपति जी के चित्र के आगे नतमस्तक होकर उन्हें पुष्पांजलि भेंट करने की योजना बना रहे थे। परंतु इस बीच उनके कार्य की भनक वहां के वार्डन आजम अंसारी को लग गई तो वह तुरंत मौके पर उस जगह जूते पहनकर पहुंच गया जहां पर सभी विद्यार्थी नंगे पांव छत्रपति जी को पुष्पांजलि भेंट करने वाले थे। फिर उसने छात्रों को छत्रपति जी का चित्र वहां से हटाने के लिए कहा।

तब छात्रों ने कहा कि हम तो केवल यहां पर इन्हें प्रणाम करने के लिए ईकट्ठा हुए हैं तो उसने कहा कि पहले इसकी परमिशन लो। तब छात्रों ने कहा कि सर क्या इसकी परमिशन मिलेगी ? तो आजम अंसारी ने कहा कि नहीं बिल्कुल भी इसकी परमिशन नहीं मिलेगी।

अगर तुम लोगों ने यह जयंती मनानी है तो बाहर किसी मंदिर में जाकर मनाओ। इसके बाद विवश हुए छात्रों को धमकाते हुए उसने वहां से राष्ट्र के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज का चित्र जबरन हटवा दिया। यह मामला बढ़ता देख कर विश्वविद्यालय के अधिकारी नीरज शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए, और उन्होंने परेशान हुए छात्रों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने छात्रों को इस बात के लिए मना लिया कि वह लोग अपने अपने कमरों में ही छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाएं।

मौके की वीडियो

इस अवसर पर इकट्ठे हुए छात्रों ने हॉस्टल के वार्डन आजम अंसारी के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अंसारी द्वारा राष्ट्र नायक छत्रपति जी की जयंती मनाने से रोका जाना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। आजम अंसारी को छत्रपति शिवाजी के द्वारा राष्ट्र के लिए किए गए कामों को याद रखना चाहिए। आजम अंसारी के द्वारा राष्ट्र नायक का चित्र हटवा देना एक तरह से राष्ट्रद्रोह है। उधर कॉलेज के प्रबंधन का कहना है कि शिवाजी जयंती मनाने के लिए छात्रों की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। किंतु छात्रों का कहना है कि उन्हें अकारण ही राष्ट्र नायक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने से रोका गया है, और अब उनके खिलाफ कॉलेज प्रबंधन ने नोटिस जारी करने की चेतावनी दी है।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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