Angry Bajrangis were propagating Christianity by posing as Santa in the carnival.”

बजरंग दल के लोग अपने काम में लगे हुए हैं किंतु धर्मांतरण के असल कारण कोई नहीं ढूंढ रहा है।

सनातन 🚩समाचार🌎 गुजरात के अमदावाद में चल रहे एक कार्यक्रम में उस समय अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया जब विश्व हिंदू परिषद/बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सांता बने दो लोगों को पीटना चालू कर दिया।

दरअसल अमदावाद में हर साल की तरह इस साल भी एक कार्निवल का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस कार्निवल के दौरान ईसाई समुदाय के लोग घूम घूम कर अपने ईसाई मत की पुस्तकें लोगों को बेच रहे थे। और साथ ही उन्हें धर्मांतरण करने की प्रेरणा भी दे रहे थे। इसके बारे में जब विश्व हिंदू परिषद/बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को जानकारी मिली तो वह लोग भी इस कार्निवल में पहुंच गए।

प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार अमदाबाद में कांकरिया कार्निवल चल रहा था। इस बीच वहां पर दो व्यक्ति लाल कपड़े और लाल टोपी पहनकर सांता क्लाज बनकर कार्निवल में पहुंचे हुए थे। जिन्हें मौके पर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और फिर किसी तरह सांता क्लॉज बने हुए वह दोनो व्यक्ति वहां से भाग गए। पता चला है कि कार्निवल में लगभग 20 की संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे। जब इन्होंने जय श्री राम के घोष करते हुए सांता क्लाज बनकर ईसाई मत का प्रचार प्रसार कर रहे व्यक्तियों को खदेड़ा तो वहां पर कार्निवल में भारी संख्या में पहुंचे हुए लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

बजरंग दल के लोग यह कहते सुने गए कि तुम लोग यहां क्या करने आ गए ? अपने चर्च में जाकर अपने धर्म का प्रचार करो। यहां पर तुम लोगों का माइंड वाश कर रहे हो। इस मौके पर उपस्थित बजरंग दल के नेता ललित मेहता ने बताया की यह दो लोग यहां पर सांता क्लॉज के कपड़े पहन कर अपने ईसाई मत का प्रचार करने वाली किताबें बेच रहे थे। जिसका पता चलने पर हमने यह कार्रवाई की है।

बजरंग दल द्वारा की गई इस कार्रवाई के बारे में विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता हितेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि ईसाई मिशनरियों के लोग पिछले 4 दिनों से इस कार्निवल में ईसाई मत की पुस्तकें बेच रहे थे। और साथ ही 2 लोग सांता की ड्रेस में ईसाई मत का प्रचार करते हुए लोगों को धर्मांतरण करने की प्रेरणा भी दे रहे थे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को इसकी सूचना मिलने पर हमने जब अपने कार्यकर्ताओं द्वारा इस खबर की जांच करवाई तो मिली हुई सूचना सच साबित हुई।

इसके बाद बजरंग दल के प्रांतीय अध्यक्ष ललित भाई मेहता के नेतृत्व में 20 कार्यकर्ताओं ने कार्निवल में चल रही धर्मांतरण की गतिविधियों को बंद करवा दिया। बता दें की कांकरिया कार्निवल उत्सव दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाता है, और यह 1 सप्ताह तक जारी रहता है। इस कार्निवल में कई तरह के सांस्कृतिक, कलात्मक और सामाजिक गतिविधियों का सुंदर तरीके से आयोजन किया जाता है। इस उत्सव में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पर पहुंचते हैं।

बजरंग दल के अनुसार उन्होंने यहां पर हो रहे धर्मांतरण के कार्य को रोका है। परंतु सही बात यह है कि धर्मांतरण के मूल कारण पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

सनातन 🚩समाचार🌎 के अनुसार इसका मूल कारण है हिंदू धर्मगुरुओं और कथावाचकों के द्वारा इस तरफ से आंखें बंद रखना। बताने की आवश्यकता नहीं है कि अधिकांश कथावाचक हिंदुओं को अपने धर्म पर अडिग रहने की प्रेरणा देने की बजाय उनका तरह तरह से मनोरंजन करते हैं, और उन्हें नचवाते रहते हैं।
जिस कारण हिंदुओं में अपने धर्म के प्रति अडिग रहने की भावना पैदा ही नहीं होती। और फिर अपनी जड़ों से कमजोर हुए हिंदू आसानी से धर्मांतरण करके ईसाई अथवा मुसलमान बन जाते हैं।

अतः आवश्यकता इस बात की है की जितने भी धर्मगुरु अथवा कथावाचक हैं वह सभी धर्मांतरण और लव जिहाद के मुद्दों पर खुल कर बोलना चालू कर दें।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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