“Mazari Hindus will cry now because the government will demolish Afzal Khan’s tomb, a big victory for Sudarshan News Channel / Suresh Chavhanke ji.”

यही अफजल खान हिंदुओं के नायक “छत्रपति शिवाजी महाराज जी” को मार देना चाहता था पर खुद मारा गया।

संघर्ष के आगे जीत है और संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती। यह यह वाक्य एकदम सही बैठता है सुदर्शन न्यूज़ चैनल के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाणके जी पर। बताने की आवश्यकता नहीं है सुदर्शन न्यूज़ चैनल देश का एक ऐसा एकमात्र मेन स्ट्रीम मीडिया है जो केवल और केवल हिंदुत्व की बात करता है, और उन मुद्दों को उठाता रहता है जो हिंदुओं के खिलाफ होते हैं। इसी कड़ी में सुदर्शन न्यूज़ के अभियान में एक और सफलता प्राप्त हुई है।

सनातन 🚩समाचार🌎

दरअसल श्री सुरेश चव्हाणके जी ने विजयदशमी के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में ही घोषणा कर दी थी की अगर 30 नवंबर तक अफजल खान की कब्र पर बनी हुई मजार ना हटाई गई तो वह दिल्ली के लाल कोट से प्रतापगढ़ तक की यात्रा करेंग। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुदर्शन न्यूज़ के द्वारा उठाए गए इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बतादें कि अफजल खान की कबर पर अपराधिक मानसिकता वाले लोग जुटना शुरू हो गए थे और देश विरोधी गतिविधियों को करने लगे थे। यही सब देखते हुए ही सुरेश चव्हाणके जी ने मजार को हटाए जाने की मांग की थी।

चलेगा बुलडोजर

अब महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस मजार पर बुलडोजर चलना तय है, क्योंकि आज महाराष्ट्र के वन विभाग के द्वारा मजार हटाने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई जाएगी। बता दें कि छत्रपति शिवाजी महाराज के हाथों मारे जाने वाले अफजल खान की कब्र और उसके पास से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका मिलिंद एकबोटे ने दायर की थी। उस याचिका पर संज्ञान लेते हुए हैं अदालत ने अतिक्रमण हटाने का आदेश भी दे दिया था परंतु तब महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी की सरकार थी, इसलिए किसी भी तरह से मजार को हटाने की कोई का कोई प्रयास नहीं किया गया।

एक मजार को तोड़ते हिंदू

मजारी हिंदू अब क्या करेंगे ?

लेकिन अब सुदर्शन न्यूज़ चैनल के प्रधान संपादक सुरेश चौहान के जी की घोषणा के बाद शिंदे और फडणवीस की सरकार के द्वारा इस अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की मंजूरी वन विभाग को दे दी गई है। बहरहाल यह बहुत अच्छी खबर है की हिंदुओं के नायक छत्रपति शिवाजी महाराज की हत्या करने के इरादे वाले आतताई की कबर पर बनी मजार अब हटा दी जाएगी। परंतु एक हास्यप्रद/दुखद बात यह भी है कि अब उन मजारी हिंदुओं का क्या बनेगा ? जो अपने देवी-देवताओं को छोड़कर मजारों पर माथा पटकने जाते हैं।

कौन था शैतान अफजल खान ????

अफजल खान बीजापुर की आदिल शाही हुकूमत का एक क्रूर सैनिक था, जो हर तरह की रणनीति अपनाने में माहिर था। बीजापुर और मराठों के बीच हुई लड़ाई में आदिल शाह की मां ने मराठों पर कब्जा करने के लिए अफजल खान को भेजा था। अफजल खान युद्ध से पहले ही छल से शिवाजी महाराज की हत्या करना चाहता था। अफजल खान ने शिवाजी महाराज को प्रतापगढ़ के पास मिलने का संदेश भेजा। शिवाजी ने खान का यह पैगाम स्वीकार किया और दोनों की मुलाकात का स्थान तय हुआ।

बाघ के नाखून से बने हथियार से चीरा था पेट

शिवाजी महाराज और अफजल खान की मुलाकात प्रतापगढ़ के पास शामियाने में हुई। अफजल खान जैसे ही शिवाजी महाराज से गले मिला उसने हाथ में बंधा चाकू शिवाजी की पीठ में घोंपने की कोशिश की। परंतु पहले से सावधान छत्रपति जी ने अफजल खान का पेट बाघनख (बाघ के नाखून से बना हथियार) से चीर दिया। शिवाजी महाराज को पता था कि ये लोग धोखेबाज हैं, इसलिए वे पहले से ही हाथ में बाघनख पहने हुए थे।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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