🚩 जय माता दी 🚩 माघ मास में गुप्त नवरात्रे आज से आरंभ, करें मां की पूजा और पाएं धर्मरक्षा का सामर्थ्य


“Jai Mata Di Magh month Gupt Navratri starts from today, worship mother and get the power to protect Dharma.”

या देवी सर्व भूतेशु शक्ति रूपेण संस्थिता: नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः

सनातन 🚩समाचार🌎 हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां शक्ति के दस महाविद्याओं की पूजा करने का विधान है।


हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में शक्ति की साधना की जाती है। हिंदू धर्म के कैलेंडर के अनुसार, साल में चार बार नवरात्रि का पर्व होता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि पड़ती है। पंचांग के अनुसार, पहली गुप्त नवरात्रि माघ मास में और दूसरी आषाढ़ मास में पड़ती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के अलावा मां भगवती दुर्गा के दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है।

दस महाविद्याओं की होती है पूजा

गुप्त नवरात्रि के दौरान मां भगवती जी की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है।

मां काली, मां तारा, मां षोडशी, त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां भैरवी, मां धूमावती, मां बगला, मां मातंगी, मां कमला।

कब से कब तक है माघ गुप्त नवरात्रि 2023?

हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष की पहली गुप्त नवरात्रि माघ मास में पड़ रही है, जो 22 जनवरी 2023 को आरंभ हो रही है और समाप्त 30 जनवरी को हो रही हैं। इस दौरान भक्तगण पूरे 9 दिन तक गुप्त तरीके से मां की उपासना करेंगे।

माघ गुप्त नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त

माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि- 22 जनवरी 2023 को रात 02 बजकर 22 मिनट से आरंभ।

प्रतिपदा तिथि समाप्त- 22 जनवरी को ही रात 10 बजकर 27 मिनट तक।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त- 22 जनवरी को सुबह 08:34 से लेकर 09:59 तक।

घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से दोपहर 01 बजे तक। माघ मास गुप्त नवरात्रि 2023 महत्व …..

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के दस विद्या की पूजा करने का विधान है। गुप्त नवरात्रि को सिद्धि और कामनापूर्ति के लिए माना जाता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां शक्ति की साधना करने से जीवन के हर कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही साधक तंत्र मंत्र और विशेष पाठ करके अपनी मनो कामना को पूर्ण करते हैं।

🚩नवरात्रि की तिथियां ……

प्रतिपदा (मां काली): 22 जनवरी 2023
द्वितीया (तारा देवी): 23 जनवरी 2023
तृतीया (त्रिपुर सुंदरी): 24 जनवरी 2023
चतुर्थी (भुवनेश्वरी): 25 जनवरी 2023
पंचमी (माता छिन्नमस्ता): 26 जनवरी 2023
षष्ठी (त्रिपुर भैरवी): 27 जनवरी 2023
सप्तमी (मां ध्रुमावती): 28 जनवरी 2023
अष्टमी (मां बंगलामुखी): 29 जनवरी 2023
नवमी (मातंगी): 30 जनवरी 2023

गुप्त नवरात्रि पूजन विधि ……..

गुप्त नवरात्रि में नौ दिन के लिए कलश स्थापना की जा सकती है। अगर कलश की स्थापना की है तो दोनों सुबह-शाम मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करें। दोनों ही समय आरती करना भी अच्छा होगा। मां को दोनों समय भोग भी लगाएं। मां की पूजा के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है। मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिल्कुल न चढ़ाएं। पूरे नौ दिन अपना खान-पान, विचार और आहार सात्विक रखें।

ॐ शक्ति

गुप्त नवरात्रि का महत्व …………

नवरात्रि में हिंदू लोग देवी शक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की बड़े विधि-विधान के साथ पूजा करते हैं। नवरात्र के समय घरों में कलश स्थापित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ आरंभ किया जाता है। इसके दौरान घरों और मंदिरों में जागरण किए जाते हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को हर मुश्किल परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। सनातन धर्म में इन नौ दिनों को बहुत पवित्र माना जाता है, और भक्त नवरात्रि के दौरान उपवास भी रखते हैं।

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