Meiteis (Hindu) who are now fleeing from Mizoram after a big threat, will be airlifted by the Manipur government.”
कुकीज के हमलों से पहले से ही त्रस्त मैतेयी जनजाति पर आई नई आफत।

सनातन🚩समाचार🌍 बीते कई सालों से मणिपुर में और मैतेयी जनजातीय समूहों के बीच परस्पर संघर्ष चला आ रहा है। यह संघर्ष उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब हर तरफ से उपेक्षित मैतेयी समाज ने हाईकोर्ट में एक अर्जी लगाकर अपने मानवाधिकारों की सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद जब हाई कोर्ट के द्वारा मैतेयी जनजातीय समूह के पक्ष में निर्णय सुना दिया गया। हाईकोर्ट के निर्णय से कुकीज जनजाति के लोग भड़क उठे और फिर शुरू हो गया भयानक तांडव। जिसके चलते भारी संख्या में मैतेयी समाज के लोग भागकर जंगलों में शरण लेने को विवश हो गए, और आखिर इसकी परिणीति हुई 2 महिलाओं को नग्न घुमाने और उनका बलात्कार करने के कांड के रूप में।

बताने की आवश्यकता नहीं है की इस घिनौनी हरकत की चर्चा सारे देश ही नहीं विदेशों में भी हुई है। इसके बाद तो मैतेयी जनजाति समाज पर बुरी तरह से कहर टूट पड़ा है। कुछ ऐसे तथ्य भी उभर कर आ रहे हैं कि मणिपुर क्षेत्र में एक सोची-समझी नीति के अंतर्गत ईसाई मिशनरियों को स्थापित किया गया और कुकीज जनजातीय समाज का धर्मांतरण करके उसे इसाई बना दिया गया , किंतु मैतेयी समाज ने अपना हिंदू धर्म नहीं छोड़ा।

अब पैदा हुए ताजा हालात में मणिपुर के पड़ोसी राज्य मिजोरम में एक विद्रोही संगठन मिजो नेशनल फ्रंट की एक शाखा पीस एकॉर्ड एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन (PAMRA) ने मैतेयी हिंदुओं को धमकी दी है कि अपनी सुरक्षा के लिए जितनी जल्दी हो सके मिजोरम छोड़कर चले जाओ। इतना ही नहीं अब मिजोरम में मैतेयी जनजातीय लोगों का आर्थिक बहिष्कार भी किया जा रहा है। पीस एकॉर्ड एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन ने गत शुक्रवार 21 जुलाई को जारी किए अपने बयान में कहा है कि मैतेयी लोग मिजोरम छोड़ दें।

हालांकि मिजोरम सरकार इसे बहुत हल्के में ले रही है और इसे मात्र एक परामर्श मान रही है। किंतु पहले से ही भयभीत मैतेयी हिंदू अब मिजोरम से भी पलायन करने लग गए हैं। उधर मणिपुर सरकार के अनुसार इस सारे मामले पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है और अगर आवश्यकता पड़ी तो मैतेयी समाज के लोगों को एअरलिफ्ट भी किया जाएगा। मैतेयी जनजातीय समाज के लोगों को मिली इस बड़ी धमकी के बाद मिजोरम पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है, तथा उत्तरी क्षेत्र के डीआईजी ने मैतेयी लोगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, तथा बार-बार घोषणा की जा रही है की मैतेयी लोग डर कर मिजोरम ना छोड़ें।

बहुत दम है टांगो में।

सूत्रों से पता चला है कि मिजोरम की राजधानी आइजोल में रह रहे मैतेयी समाज के बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगभग 2000 है। मिजोरम सरकार के द्वारा मैतेयी लोगों के हो रहे पलायन को देखते हुए मिजोरम के गृहमंत्री ने कहा है कि PAMRA के द्वारा शीघ्र ही मिजोरम छोड़ने वाला बयान वापस ले लिया जाएगा तथा इसके साथ ही ऑल मिजोरम मणिपुर एसोसिएशन के लोगों की मीटिंग बुलाकर मैतेई जनजाति के लोगों को मिजोरम ना छोड़ने की अपील जारी की गई है।

इस सारे प्रकरण से भी यही बात उभर कर आ रही है कि राज्य कोई भी हो जनजाति हो या कुछ और किंतु यह एक प्रमाणिक सत्य है कि जहां जहां पर भी हिंदू घट जाते हैं वहीं वहीं पर हिंदुओं पर भयंकर आफत आती है, और हिंदुओं अपने ही देश में इधर से उधर पलायन करने को विवश हो जाते हैं।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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