“After the horrific attacks in Nuh, Hindus called “Hindu Mahapanchayat” Do not be afraid of FIR, boycott Muslims.”

ये विडंबना ही है की हिंदुस्तान में हिंदुओं को अपने ऊपर हो रहे हमलों से बचने के लिए पंचायत करनी पड़ गई है।

सनातन🚩समाचार🌍 हिंदुस्तान में अभी भी कुछ हिंदू ऐसे हैं जो कहते हैं कि हमारी हस्ती कभी मिट नहीं सकती। पता नहीं क्यों वह लोग कश्मीर, मणिपुर के बाद अभी हाल ही में मेवात में हिंदुओं पर हुए भयानक हमलो को देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। किंतु जिन हिंदुओं को पता है कि वह लगातार खत्म होते जा रहे हैं, वह अपना अस्तित्व बचाने के लिए लगातार हाथ पांव मारते रहते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को हिंदुओं के ऊपर किए गए जबरदस्त हमलों के बाद।

बताने की आवश्यकता नहीं है की मजहबी नारों के साथ किए गए इन हमलों में छह लोगों की मौत हो गई थी। मेवात के नूंह में स्थित नल्हड़ मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए हिंदुओं के द्वारा यह यात्रा की जाती है। इस वर्षा जलाभिषेक यात्रा 31 जुलाई 2023 को निकाली गई थी, जिस पर बहुत बुरी तरह से हमले कर के उस यात्रा को खंडित कर दिया गया था। इन सब स्थितियों को देखते हुए हिंदुओं के द्वारा 13 अगस्त 2023 को पलवल के पंडोरी में महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदुओं की ताजा स्थिति पर चर्चा की गई और भविष्य में अपनी सुरक्षा को लेकर भी योजनाएं बनाई गईं।

इस महापंचायत में 31 जुलाई को मुसलमानों के द्वारा खंडित कर दी गई जलाभिषेक यात्रा को पुनः 28 अगस्त को शुरू करने के बारे में चर्चा की गई। मिली और जानकारी के अनुसार हरियाणा गौरक्षा दल के आचार्य आजाद शास्त्री ने वर्तमान स्थिति को “करो या मरो” की स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर युवाओं को हथियार उठा लेने चाहिए, इसके साथ ही महापंचायत में हिन्दुओं से आह्वान किया गया की अपनी सुरक्षा के लिए हथियारों के लाइसेंस बनवाए तथा मुसलमानों के आर्थिक सामाजिक बहिष्कार की भी मांग की गई है।

इस अवसर पर गौरक्षा दल के आचार्य आजाद शास्त्री ने कहा कि हमें तुरंत मेवात में 100 हथियारों का लाइसेंस लेना सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि देश का विभाजन हिंदू और मुसलमानों के आधार पर हुआ था किंतु गांधी के कारण ही मुसलमान मेवात में रुके रहे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह अब FIR होने से ना डरें। उन्होंने अपने बारे में बताते हुए कहा कि मेरे खिलाफ भी FIR हैं। लेकिन हमें FIR से डरना नहीं चाहिए।

महापंचायत में उपस्थित अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज ने कहा कि नूंह में जिस तरह की हिंसा हिंदुओं पर हुई है ऐसा पहले भी हो चुका है। इसलिए अब समय आ गया है कि हिंदुओं को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि खंडित की गई ब्रजमंडल शोभायात्रा अब दोबारा अपने निर्धारित तिथि 28 अगस्त को होगी और इसके लिए हमें किसी की परमिशन की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने मुसलमानों का पूरी तरह से सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार करने की मांग भी की।

हिंदू महापंचायत में पारित किए गए मुख्य निर्णय

महापंचायत में सर्वसम्मति से 51 लोगों की कमेटी गठित की गई है, तथा चर्चा के बाद 28 अगस्त को ब्रजमंडल यात्रा पूरी करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही हिंदू संगठनों ने राज्य सरकार के सामने कई मांगे रखी हैं।

1 हिंसा में मारे गए परिवारों को एक करोड़ रूपया और सरकारी नौकरी दी जाए तथा घायलों को 50 लख रुपए दिए जाएं।

2 नूंह में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी निया द्वारा करवाई जाए।

3 रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों सहित जो लोग अवैध रूप से राज्य में प्रवेश कर चुके हैं उन्हें तुरंत निकाला जाए।

4 हिंसा के दौरान मुसलमानो की बर्बरता के कारण हुए नुकसान का विश्लेषण करने के लिए एक सर्वेक्षण किया जाना चाहिए और उसके अनुसार ही मुआवजा दिया जाना चाहिए।

5 मेवात में एक केंद्रीय बल का मुख्यालय बनाया जाए।

6 पुलिस को दंगाइयों की पहचान करके उनके खिलाफ जल्दी और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

7 नूंह में दंगा करने वालों की पहचान करके उनकी जमीन और अन्य संपत्तियां कुर्क की जानी चाहिए।

8 फिरोजपुर झिरका से कांग्रेसी विधायक मामन खान को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

9 मेवात को गौ हत्या मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाए।

10 हिंसा के दिन छुट्टी पर गए जिला के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।

11 नूंह हिंसा में निर्दोषों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।

12 दंगाइयों पर नूंह में दर्ज किए गए सभी मामलों को गुरुग्राम या किसी अन्य जिले में ट्रांसफर करके इनकी फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए।

13 नूह जिला को खत्म करके सोहाना को जिला बनाया जाए।

ध्यान से सुनें

विश्व हिंदू परिषद ने महा पंचायत में पारित किए गए सभी निर्णयों का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्नमादियो द्वारा 31 जुलाई को खंडित की गई व्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा को इस सावन मास की अंतिम तिथि 28 अगस्त सोमवार को समाज के सहयोग से पूरा किया जाएगा।

इस बारे में विश्व में हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि जलियांवाला बाग की तरह हुई नूह नरसंहार की घटना की NIA से जांच होनी चाहिए, तथा दोषी और षडयंत्र पूर्वक काम करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

विश्व हिंदू परिषद के विनोद बंसल ने आगे कहा की पिछले कई वर्षों से नूह जिला को जिहादी आतंकवादियों और अपराधियों की शरण स्थली बनाने का षड्यंत्र चल रहा है। उन्होंने नूंह जिला को पलवल और गुरुग्राम में मिलाने की मांग की है।

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By Ashwani Hindu

अशवनी हिन्दू (शर्मा) मुख्य सेवादार "सनातन धर्म रक्षा मंच" एवं ब्यूरो चीफ "सनातन समाचार"। जीवन का लक्ष्य: केवल और केवल सनातन/हिंदुत्व के लिए हर तरह से प्रयास करना और हिंदुत्व को समर्पित योद्धाओं को अपने अभियान से जोड़ना या उनसे जुड़ जाना🙏

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