धर्म व परिवार की रक्षा हेतु विजयदायिनी माँ बगलामुखी की साधना है अमोघ फलदायी – यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज


यती नरसिंहानंद सरस्वती जी महाराज, आज यह नाम किसी भी परिचय का मोहताज नहीं है।

आज प्रत्येक उस व्यक्ति की जुबान पर यह नाम है जो अपने हिंदुत्व से अपने सनातन से प्रेम करता है और जो चाहता है कि कैसे भी करके मेरे धर्म का पुनरुत्थान हो।
पिछले काफी समय से यति नरसिंहानंद सरस्वती जी अपनी बेबाक वाणी के कारण सुर्खियों में हैं जहां इनके विरोधी इन्हें अपना सबसे बड़ा शत्रु मानते हैं वही सनातनी लोग इन्हें अपना सबसे बड़ा हितेषी मानते हैं।

गाजियाबाद के डासना में प्रसिद्ध शक्तिपीठ के महंत श्री यति नरसिंहानंद जी अब सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना,सनातन धर्म की रक्षा और सनातन धर्म को मानने वालो की संतान की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल नाश की कामना से माँ बगलामुखी का पांच दिवसीय महायज्ञ का एक बड़ा आयोजन करने वाले हैं।
इस बारे में यती नरसिंहानंद सरस्वती जी ने बताया कि आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि की प्रतिपदा -11 जुलाई 2021 को प्रातः वनखंडेश्वर महादेव रामघाट में सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना,सनातन धर्म की रक्षा और सनातन धर्म को मानने वालो की संतान की रक्षा और सनातन
धर्म के शत्रुओं के समूल नाश की कामना से माँ बगलामुखी का पांच दिवसीय महायज्ञ आरम्भ किया जाएगा।

बचे खुचे 10 % हिन्दू विदेशों में या शरणार्थी शिविर में रह जाएंगे।

आज बुलंदशहर में एक प्रेस वार्ता में महायज्ञ के विषय मे बताते हुए अखिल भारतीय सन्त परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा की आज सनातन धर्म का अस्तित्व खतरे में दिखाई देता है।मुस्लिमो की बढ़ती हुई भयावह और नाजायज आबादी ने न केवल भारतवर्ष अपितु सम्पूर्ण विश्व के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। हिन्दुओ के घटते हुए जनसंख्या अनुपात ने यह तय कर दिया है कि 2029 में भारत का प्रधानमंत्री मुस्लिम होगा। इसका अर्थ है कि आगामी केवल 20 वर्षों में 40 प्रतिशत हिन्दुओ का कत्ल हो जाएगा,50 प्रतिशत हिन्दू धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर होंगे और बचे हुए 10 प्रतिशत हिन्दू विदेशों में या शरणार्थी शिविर में रह जाएंगे।अब हमारे ऊपर अभूतपूर्व संकट की घड़ी है, जिससे सनातन धर्म और हिन्दू समाज को बचाना सभी हिन्दू धर्मगुरुओं का नैतिक दायित्व है।

ऐसे में सनातन धर्म के सभी धर्मगुरुओं को सभी हिन्दुओ को विजय और सद्बुद्धि की देवी माँ बगलामुखी और महादेव की साधना करनी चाहिये। सदबुद्धि प्राप्त होने से ही हिन्दू अपने अस्तित्व के लिये संघर्ष कर सकेगा और सनातन धर्म,अपने परिवार और अपने अस्तित्व की रक्षा में सक्षम बन सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सम्पूर्ण विश्व में सनातन धर्म से बढ़कर कुछ भी नहीं है। जब भी कोई मानव धर्म की रक्षा के लिये माँ बगलामुखी की शरण मे गया है तो माँ ने धर्म की रक्षा की है।आज हम भी धर्म की रक्षा के लिये माँ बगलामुखी की शरण में हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है की माँ अवश्य ही धर्म की रक्षा करेंगी।

जहाँ एक भी जिहादी, मस्जिद, मदरसा या पीर न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि अब हर हिन्दू को तुच्छ स्वार्थों को छोड़कर सनातन वैदिक राष्ट्र के लिए संघर्ष करना चाहिए।अब यदि सनातन के पास इजराइल के यहूदियों की तरह अपना एक राष्ट्र नहीं होगा तो सनातन धर्म बच ही नही सकेगा। अतः अब सभी हिन्दू धर्मगुरुओं और संगठनो को एकमत होकर ऐसे सनातन वैदिक राष्ट्र की व्यवस्था करनी चाहिए जहाँ एक भी जिहादी, मस्जिद, मदरसा या पीर न हो। उन्होंने आगे कहा कि अब हिन्दुओ को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए ताकि उनका और उनके परिवार का अस्तित्व केवल नेताओ के भरोसे न रह जाए।

इस प्रेस वार्ता में नरसिंहानंद सरस्वती जी के साथ यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी,यति सेवानंद सरस्वती जी,बृजमोहन सिंह,अनुराग राय,सतेंद्र त्यागी,अरुण त्यागी एवं अन्य साथी भी उपस्थित रहे।

इस प्रेस वार्ता से पहले नरसिंहानंद सरस्वती जी के बुलंदशहर आगमन पर श्री मनोज उपाध्याय एडवोकेट, पंकज त्यागी, राजीव त्यागी, मनोज शर्मा, संदीप अग्रवाल, देवेश गोयल, संजीव सिंघल, प्रदीप सिरोही, जितेंद्र त्यागी, पंकज त्यागी, मनोज जैन, नितिन त्यागी, जूली जैन, अजय गर्ग, अजय त्यागी, अतुल त्यागी, मनु त्यागी, विपिन गर्ग, दीपक त्यागी, विशाल रस्तोगी तथा अन्य गणमान्य महानुभावों ने उनका भव्य स्वागत किया।


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