
पश्चिम चंपारण: पश्चिम चंपारण और गोपालगंज जिले को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मंगलपुर-विशुनपुर महासेतु में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद प्रशासन और पुल निर्माण निगम अलर्ट मोड में आ गए हैं। पुल के स्पैन में गैप आने और पाया संख्या-5 के धंसने की सूचना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि अगर समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
करीब 1.8 किलोमीटर लंबे इस महासेतु को उत्तर बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। इस पुल का उद्घाटन 13 मार्च 2016 को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। पुल बनने के बाद पश्चिम चंपारण और गोपालगंज के बीच की दूरी करीब 100 किलोमीटर तक कम हो गई थी। यही वजह है कि प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं और आसपास के लोगों के लिए यह आवागमन का प्रमुख साधन बना हुआ है।

दरअसल हाल के दिनों में पुल के एक हिस्से में गैप दिखाई देने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। पुल निर्माण निगम और एनआईटी की टीम ने मौके पर पहुंचकर महासेतु का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तकनीकी जांच के दौरान पाया कि पुल के पाया संख्या-5 के आसपास कुछ संरचनात्मक समस्या उत्पन्न हुई है, जिसके कारण एहतियातन कार्रवाई जरूरी हो गई।
इसी बीच प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़े वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी है। पुल निर्माण निगम के कनीय अभियंता पिंकू कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल छोटे वाहन पुल से गुजर सकते हैं, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है ताकि किसी तरह का जोखिम न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी टीम लगातार पुल की निगरानी कर रही है और जल्द ही मेंटेनेंस तथा मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पुल की स्थिति का विस्तृत अध्ययन करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल पुल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।

महासेतु में तकनीकी खराबी की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यह पुल दोनों जिलों के बीच आवागमन की रीढ़ है और इसकी खराबी से हजारों यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। कई लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका खत्म हो सके।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। पुल की मरम्मत और तकनीकी जांच पूरी होने तक बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी।
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