
बेतिया/नरकटियागंज: नरकटियागंज प्रखंड में पंचायत सचिवों की लंबे समय से जारी हड़ताल का असर अब पंचायतों के विकास कार्यों पर साफ दिखाई देने लगा है। पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण कई योजनाओं का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस समस्या को लेकर प्रखंड मुखिया संघ के प्रवक्ता सह शिकारपुर पंचायत के मुखिया राहुल कुमार जयसवाल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है।
मुखिया राहुल कुमार जयसवाल ने आवेदन में बताया कि पंचायत सचिवों के हड़ताल पर रहने से पंचायत स्तर के कई जरूरी कार्य बाधित हो गए हैं। स्वच्छता कर्मियों का वेतन और नल-जल योजना के अनुरक्षकों का मानदेय महीनों से लंबित पड़ा हुआ है। इसके अलावा पंचायतों में संचालित कई विकास योजनाएं धरातल पर पूरी हो चुकी हैं, लेकिन पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण वेंडरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि भुगतान लंबित रहने के कारण आए दिन मुखिया, वेंडर और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। मुखिया ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द समाधान निकालने की मांग की है ताकि पंचायतों में विकास कार्य दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके।
मुखिया राहुल कुमार जयसवाल ने बताया कि ज्ञापन सौंपने के बाद एसडीएम ने मामले में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कोई ठोस निर्णय लेगा।
गौरतलब है कि पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर जिले सहित राज्यभर के पंचायत सचिव अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 8 अप्रैल से हड़ताल पर हैं। हड़ताल लंबा खिंचने से पंचायतों में प्रशासनिक और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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