
जमुई: जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के काला गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवक की हत्या कर शव को घर के पीछे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। हत्या के करीब 36 घंटे बाद पुलिस ने शव बरामद किया। मामले में मृतक की पत्नी, सास, बड़ी साली और सरहज को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी साला फरार बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में अवैध संबंध और घरेलू विवाद का मामला सामने आया है।
मृतक की पहचान झारखंड के देवघर जिले के सुगापरी गांव निवासी जितेंद्र पंडित के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब 10 साल पहले जमुई के काला गांव निवासी रजनी उर्फ सजनी देवी से हुई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद 2016 में ससुर की मौत हो गई थी। इसके बाद पत्नी और सास के कहने पर जितेंद्र घर जमाई बनकर ससुराल में ही रहने लगा था। वह मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसके दो छोटे बच्चे भी हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ वर्षों तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में जितेंद्र का अपनी सास के साथ अवैध संबंध होने की चर्चा गांव में होने लगी। आरोप है कि वह अपनी बड़ी साली पर भी बुरी नजर रखता था और उससे संबंध बनाने की कोशिश करता था। इस बात को लेकर परिवार में लगातार विवाद होता था। पत्नी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जितेंद्र शराब पीने लगा था और अक्सर मारपीट करता था। विरोध करने पर वह घर के लोगों को धमकाता भी था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बुधवार 20 मई की रात परिवार के सभी लोग घर की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान पत्नी और उसके भाई गौतम पंडित ने मिलकर सो रहे जितेंद्र के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद परिवार के लोगों ने शव को घर के पीछे करीब 3 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया।
ग्रामीण महेंद्र ने बताया कि देर रात घर से कुछ आवाजें जरूर आई थीं, लेकिन परिवार में अक्सर झगड़ा होने के कारण किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगले दिन सुबह जब जितेंद्र दिखाई नहीं दिया और घर के पीछे से बदबू आने लगी, तब ग्रामीणों को शक हुआ। स्थानीय लोगों ने आसपास जांच की तो मिट्टी से बदबू आने का पता चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर मोहनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले मृतक के परिजनों को बुलाया और एफएसएल टीम को भी जांच के लिए मौके पर बुलाया। करीब 6 घंटे तक पुलिस टीम घटनास्थल पर मौजूद रही। इसके बाद घर के पीछे खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि जितेंद्र शराब के नशे में छत से गिर गया था, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि पुलिस को बयान संदिग्ध लगा। बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर हत्या की बात सामने आई।
घटनास्थल पर पहुंची मृतक की मां मालती देवी ने कहा कि उनका बेटा पिछले 10 साल से ससुराल में रह रहा था। परिवार में सबकुछ ठीक चल रहा था। अगर छत से गिरकर मौत हुई होती तो परिवार वाले तुरंत सूचना देते, लेकिन उन्हें एक दिन बाद थाने से बेटे की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने बेटे के किसी अवैध संबंध से इनकार किया है।
सदर SDPO सतीश सुमन ने बताया कि शुरुआती जांच में सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने पत्नी सजनी देवी, सास फागो देवी, साली संगीता देवी और सरहज कंचन देवी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य आरोपी गौतम पंडित की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
मृतक की मां के आवेदन पर मोहनपुर थाने में पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच का इंतजार कर रही है, ताकि हत्या की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
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