मोकामा में गैंगस्टर सोनू-मोनू गैंग की दबंगई, पुलिस की तलाशी लेकर घर में घुसने दिया

छापेमारी के दौरान पुलिस तलाशी लेते सोनू-मोनू गैंग के गुर्गे
छापेमारी के दौरान पुलिस तलाशी लेते सोनू-मोनू गैंग के गुर्गे

मोकामा: मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव में एक बार फिर बाहुबली राजनीति और गैंगवार का खौफनाक चेहरा सामने आया है। कुख्यात सोनू-मोनू गैंग ने जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थक तथा सरपंच पति मुकेश कुमार पर खुलेआम फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना शनिवार की बताई जा रही है। हालांकि मुकेश कुमार इस हमले में बाल-बाल बच गए। फायरिंग के बाद जब पुलिस आरोपियों की तलाश में उनके घर पहुंची तो वहां ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।

बताया जा रहा है कि पुलिस को घर के बाहर ही करीब आधे घंटे तक रोककर रखा गया। इस दौरान सोनू-मोनू की मां, पत्नी समेत कई महिलाओं ने पुलिस को अंदर नहीं जाने दिया। इसी बीच पीछे के रास्ते से दोनों आरोपी फरार हो गए। मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि बाद में गैंग के गुर्गों ने पुलिस से कहा कि घर में प्रवेश करना है तो पहले अपनी तलाशी देनी होगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों की तलाशी ली गई और तब उन्हें अंदर जाने दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और चर्चा इलाके में तेजी से फैल रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहा है। वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस के साथ गलत व्यवहार करने वालों को उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों का “मुकम्मल हिसाब” करेगी।

दरअसल पूरा विवाद सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार अनंत सिंह के समर्थक मुकेश कुमार ने 22 मई को फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें स्थानीय पुलिस और थाना प्रभारी की प्रशंसा की गई थी। इसी पोस्ट को लेकर सोनू-मोनू गैंग के पिता प्रमोद सिंह नाराज हो गए। उन्होंने मुकेश कुमार से पोस्ट हटाने को कहा। मुकेश ने जवाब दिया कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिखा है बल्कि पंचायत और पुलिस की कार्यशैली की तारीफ की है।

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि प्रमोद सिंह ने अपने बेटों सोनू और मोनू को मौके पर बुला लिया। उनके साथ गैंग के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। इसके बाद मुकेश कुमार पर दो राउंड फायरिंग की गई। हालांकि गोली उन्हें नहीं लगी और वे सुरक्षित बच निकले।

मुकेश कुमार के अनुसार घटना उस समय हुई जब वे गांव के एक व्यक्ति के साथ पंचायत जाने के लिए निकले थे। तभी रास्ते में प्रमोद सिंह से मुलाकात हुई और विवाद शुरू हो गया। फायरिंग होते ही उन्होंने तुरंत थाना प्रभारी को फोन किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।

घटना के बाद हाथीदह, मरांची और पंचमहला थाना समेत कई थानों की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। एसडीपीओ रामकृष्णा ने बताया कि नौरंगा जलालपुर गांव में सरपंच पति और मुखिया पति के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान कुख्यात अपराधी सोनू कुमार ने हवाई फायरिंग की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि सोनू-मोनू गैंग और अनंत सिंह गुट के बीच यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी नौरंगा गोलीकांड ने पूरे बिहार में सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय दोनों पक्षों के बीच करीब 100 राउंड फायरिंग हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक उस दिन शाम करीब साढ़े 4 बजे अनंत सिंह गांव पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों ओर से गोलियां चली थीं।

उस मामले में भी सोनू-मोनू और अनंत सिंह आमने-सामने आ गए थे। बताया गया था कि ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मुंशी मुकेश कुमार से पैसों के विवाद को लेकर तनाव शुरू हुआ था। अनंत सिंह पंचायत कराने गांव पहुंचे थे, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच गोलियां चलने लगीं। उस गोलीकांड में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और इलाके में लंबे समय तक तनाव बना रहा था।

फिलहाल ताजा फायरिंग की घटना के बाद एक बार फिर मोकामा और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक सोनू और मोनू की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि वे पुलिस की ही तलाशी लेने लगे।

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