
बेतिया/नरकटियागंज: नरकटियागंज अंचल क्षेत्र के सोफवा गांव स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में हरे पेड़ों की अवैध कटाई और बिक्री को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों के विरोध और पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही मंदिर के महंथ और पेड़ काटने आए ठेकेदार मौके से फरार हो गए।
मामला रामजानकी मंदिर परिसर में लगे आम और शीशम के पेड़ों की कटाई से जुड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के पुजारी सुभाष दास और उनके सहयोगियों द्वारा मंदिर की संपत्ति को मनमाने तरीके से बेचा जा रहा है। गुरुवार को मंदिर परिसर में लगे पांच आम और शीशम के पेड़ों को एक ठेकेदार को बेच दिया गया। ठेकेदार के कर्मियों ने एक हरे-भरे आम के पेड़ को काट भी डाला।
ग्रामीण जितेंद्र कुमार पासवान, रामशंकर पासवान, धनु चौधरी, रामनाथ चौधरी, सुमन महतो और भूषण पासवान समेत कई लोगों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब महंथ से पेड़ बेचने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में खुलेआम हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
ग्रामीणों की सूचना पर शिकारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही महंथ सुभाष दास, ठेकेदार और उसके कर्मी फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से पेड़ काटने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण और हथियार जब्त कर लिए हैं।
इधर, सीओ सुधांशु शेखर ने बताया कि सोफवा मंदिर परिसर में हरा पेड़ काटे जाने की मौखिक सूचना मिली है। मामले की जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें :
पंचायत सचिवों की हड़ताल से नरकटियागंज में विकास कार्य ठप, मुखिया ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
बाढ़ पूर्व तैयारी और बकरीद को लेकर नरकटियागंज में समीक्षा बैठक











