
पटना: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने 10 साल पुराने आधार कार्ड को अपडेट कराने को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कहा है कि जिन लोगों ने पिछले 10 वर्षों से अपने आधार की जानकारी अपडेट नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द बायोमेट्रिक और जरूरी विवरण अपडेट करा लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर आधार का रजिस्ट्रेशन निष्क्रिय किया जा सकता है। यूआईडीएआई ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आधार में दर्ज पता, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों को समय रहते अपडेट करा लें। फिलहाल यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
यूआईडीएआई के अधिकारियों के अनुसार कई लोगों ने वर्षों पहले बिना पर्याप्त दस्तावेजों के आधार बनवा लिया था। ऐसे मामलों में आधार की जानकारी सत्यापित और अपडेट होना जरूरी है। बिहार के यूआईडीएआई निदेशक राजीव उपाध्याय ने बताया कि आधार में सही जानकारी रहने से लोगों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं, पेंशन और अन्य जरूरी कामों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दरअसल, जिन लोगों के आधार में पुराना पता, बंद मोबाइल नंबर या अन्य गलत जानकारी दर्ज है, उन्हें ओटीपी आधारित सेवाओं और पहचान सत्यापन में दिक्कत आ सकती है। इसी वजह से यूआईडीएआई लगातार लोगों को आधार अपडेट कराने के लिए जागरूक कर रहा है। लोग माई आधार पोर्टल के जरिए घर बैठे भी कई जानकारियां अपडेट कर सकते हैं, जबकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आधार केंद्र जाना जरूरी होगा।
इसी बीच बिहार में बाल आधार को लेकर भी चिंताजनक स्थिति सामने आई है। यूआईडीएआई के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक केवल 22 प्रतिशत बच्चों का ही बाल आधार बन पाया है। बिहार में 1 करोड़ 53 लाख 46 हजार 858 बच्चों में से सिर्फ 23 लाख 91 हजार 330 बच्चों का आधार रजिस्ट्रेशन हुआ है। बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर कर्मचारियों और संसाधनों की कमी के कारण बाल आधार बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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