
नवादा: बिहार के नवादा जिले में IIT रुड़की के छात्र धर्मराज कुमार की संदिग्ध मौत के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। मृतक के परिवार ने इस घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि धर्मराज की साजिश के तहत हत्या की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराई जानी चाहिए। घटना के विरोध में रविवार को सैकड़ों लोगों ने कैंडिल मार्च निकालकर न्याय की मांग की।
मृतक धर्मराज कुमार की उम्र 21 वर्ष थी और वह IIT रुड़की में इलेक्ट्रॉनिक्स शाखा से बीटेक सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि सेकेंड ईयर की परीक्षा समाप्त होने के बाद वह 17 मई को दो महीने की छुट्टी पर अपने घर नवादा आया था। धर्मराज के पिता हेमंत राज CRPF में कार्यरत हैं और वर्तमान में असम में तैनात हैं।
जानकारी के अनुसार 19 मई की शाम करीब 5 बजे धर्मराज अपने दो दोस्तों के साथ ककोलत जलप्रपात घूमने गया था। जलप्रपात बंद होने के कारण तीनों जंगल के रास्ते करीब आधा किलोमीटर पैदल चलकर प्रतिबंधित अमझर कुंड तक पहुंचे। वहां तीनों नहाने लगे। इसी दौरान धर्मराज गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद उसके दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाली थाना पुलिस, वन विभाग की टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद करीब 48 घंटे बाद धर्मराज का शव कुंड से बाहर निकाला गया। हालांकि शव मिलने के बाद परिवार ने पूरी घटना पर सवाल खड़े कर दिए। परिवार का आरोप है कि धर्मराज के कुछ दोस्त उससे जलन रखते थे और साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है।
मृतक के पिता हेमंत राज ने कहा कि उनके बेटे को दो लड़के घर से बुलाकर ले गए थे और उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। पिता ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इसी बीच परिवार के आरोपों के बाद पुलिस ने धर्मराज के दोनों दोस्तों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का भी गठन किया गया है, जो हर पहलू की जांच करेगी।

घटना के विरोध में 24 मई को जिला परिषद डाक बंगला से शहीद चंदन चौक तक कैंडिल मार्च निकाला गया। इस मार्च में सैकड़ों स्थानीय युवा, महिलाएं और आम नागरिक शामिल हुए। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर धर्मराज को श्रद्धांजलि दी और “धर्मराज को न्याय दो” तथा “दोषियों पर कार्रवाई हो” जैसे नारे लगाए।
कैंडिल मार्च में बीजेपी की पूर्व विधायक अरुणा देवी भी शामिल हुईं। वहीं नवादा सांसद विवेक ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने धर्मराज के परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है और स्थानीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। लोगों की नजर अब SIT जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। वहीं परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद धर्मराज की मौत से जुड़ी सच्चाई सामने आएगी।
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