
बेतिया। पीएम श्री उच्च विद्यालय के सभागार में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल पर्यावरण स्टूडेंट प्रतियोगिता के तहत आयोजित फलक विमोचन कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जल, वायु और प्रकृति संरक्षण को मानव जीवन के अस्तित्व से जोड़ते हुए छात्र-छात्राओं को पर्यावरण बचाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टी पी वर्मा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. विनोद वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “जल है तो जीवन है और हवा है तो हमारा अस्तित्व है। आज पर्यावरण खतरे में है तो जीवन भी संकट में है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने मानव जीवन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. विनोद वर्मा, विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्रो. एन डी ओझा, सुनील वर्मा, प्रांतीय संयोजक उत्तर बिहार सुधांशु मिश्र, प्रो. डॉ. अमित रंजन एवं विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार तिवारी मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के बाद पर्यावरण आधारित सामूहिक संकल्प गीत की प्रस्तुति संयोजक मुकुंद मुरारी राम ने दी। इस प्रस्तुति में शिक्षिका पूजा कुमारी की सहयोगी भूमिका की भी सराहना की गई।
फलक विमोचन के माध्यम से कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराते हुए प्रो. डॉ. अमित रंजन ने कहा कि “सुरक्षित पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य” की अवधारणा पर आधारित यह अभियान पूरी तरह राष्ट्रहित को समर्पित है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रेरणा से संचालित यह कार्यक्रम प्रकृति संरक्षण के लिए वर्तमान समय में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने की। वहीं शिक्षक, कवि साहित्यकार एवं कार्यक्रम संयोजक मुकुंद मुरारी राम ने सफल संचालन किया। अपने संबोधन में प्रांतीय संयोजक सुधांशु मिश्र ने छात्र-छात्राओं को खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को जल संरक्षण, पॉलीथिन से दूरी बनाने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना है तो अभी से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे।
इसी बीच कार्यक्रम में मौजूद प्रो. एन डी ओझा एवं सुनील वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर से शुरू होने वाली ऐसी जागरूकता अभियान समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं पूजा, सारिका, आरती, संजना, आँचल, बेबी, साकिया एवं अनुष्का तथा छात्र दिव्यम ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं के विचारों और प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों को काफी प्रभावित किया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के संयोजक एवं सह संयोजकों में देव जी, महंत मृत्युंजय, विनय कुमार एवं जितेन्द्र कुमार की भूमिका को भी सराहनीय बताया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मौके पर विद्यालय के शिक्षक पंकज मिश्रा, आदेशपाल विजय कुमार, अमरेश पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षक विजय राज श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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